हिन्दी-दिवस नहीं, हर दिवस हिन्दी!

खुसरो की हिन्दी,
मीर-तुलसी-कबीर की हिन्दी!!!

भारतेन्दु की हिन्दी,
पन्त-प्रसाद-निराला-वर्मा की हिन्दी!!!

प्रेमचंद की हिन्दी,
अज्ञेय-यशपाल-भंडारी-सोबती की हिन्दी!!!

भोजपुरी की हिन्दी,
मैथिली-राजस्थानी-गढ़वाली-अंगिका की हिन्दी!!

मजदूर की हिन्दी,
राजनेता-अभिनेता-पत्रकार-डॉक्टर की हिन्दी!

अखब़ार-सिनेमा-नाटक-पत्रिका की हिन्दी,
फ़िर काहे न रोजगार की हिन्दी!!!

हिन्दी-दिवस नहीं,
हर दिवस हिन्दी!!!

पूजा कुमारी
बीएड, छात्रा, दिल्ली विश्वविद्यालय

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